गणेश-गौरी-शंकर रुद्राक्ष

भगवान भोलेनाथ के अश्रुकण से उत्पन्न होने वाला एक अन्य चामत्कारिक रुद्राक्ष

 गणेश-गौरी-शंकर रुद्राक्ष है। अपने नाम के अनुरूप इस रुद्राक्ष की बनावट होती है और इसमें साक्षात् भगवान शिव, माता गौरी एवं गणनायक गणेश तीनों की एक साथ कृपा एव वास माना गया है। इस रुद्राक्ष की यह विलक्षणता है कि इसमें गौरी-शंकर के बीच में गणपति गणेश स्थापित हैं। यह रुद्राक्ष भगवान शिव का अद्भुत चमत्कार है। भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से कभी-कभी तीन रुद्राक्ष एक साथ इस तरह जुड़ जाते हैं जिनमें से दो बड़े रुद्राक्षों के बीच में एक छोटा रुद्राक्ष स्थित होता है। यह ऐसा लगता है कि जैसे माता-पिता की गोद में कोई बालक हो। एक तरह से यह एक परिवार का प्रतीक होता है। इसकी बनावट के कारण ही विद्वानों ने इसका नाम गणेश-गौरी-शंकर रुद्राक्ष किया है।

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