चारमुखी रुद्राक्ष
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कौन धारण करें- वे जातक जिनको वाणीदोष हो अर्थात् बोलने अथवा वाक्सम्बन्धी किसी दोष से ग्रस्त हों, जिनकी सही आकलन करने के क्षमता कमजोर हो अर्थात् किसी वस्तु-निर्णय के बारे में अच्छाई-बुराई आकलन न कर पाते हों, जिनकी बुद्धि त्वरित निर्णय न ले पाती हो अथवा जिनको संतान सुख का अभाव हो, जिनका कुटुम्ब बढ़ न पाता हो अथवा जिनको बुआ-बेटियों का सुख कम हो, वे चारमुखी रुद्राक्ष धारण करके इन समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।
रोग निवृत्ति- जो जातक वाणी दोष जैसे तुतलाना, हकलाना या अटक-अटक कर बोलने के दोष से परेशान हों अथवा त्वचा विकार, दाद-खुजली, एलर्जी हिस्टीरिया, विषम ज्वर आदि रोगों से पीड़ित हैं, उनको चारमुखी रुद्राक्ष धारण करने से पर्याप्त लाभ प्राप्त हो सकता है।
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