अष्टमुखी रूद्राक्ष

कौन धारण करें- वे लोग जो बार-बार धोखाधड़ी का शिकार होते हों अथवा जिनको मतिभ्रम होता हो अथवा ऊपरी बाधा का वहम होता हो अथवा जनते-बनते कार्य अचानक बिगड़ जाते हों, किसी भी प्रकार का नशा करने का हो अथवा उसकी लत पड़ गई हो अथवा जिसको रात्रि में बुरे-बुरे एवं भयानक डरावने स्वप्न आते हों अथवा स्वप्न में सर्प दिखते हों, ऐसे जातकों को अष्टमुखी रुद्राक्ष धारण करना विशेष लाभदायक होता है।

रोगनिवृत्ति- वे जातक हृदय की दुर्बलता, हृदयरोग, कुष्ठ, मतिभ्रम, संक्रमण, भोजन के विषाक्त हो जाने और उसे खा लेने के कारण होने वाले रोग,दवाओं के विपरीत प्रभाव देने, कृमिरोग अथवा किसी के द्वारा किये गये अभिचार कर्म, ऊपरी बाधा, भूत-प्रेत आदि रोगों से पीड़ित हों तो अष्टमुखी रुद्राक्ष विधि पूर्वक धारण करने से उनको उक्त रोगों में शांति मिल सकती है।

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