अक्तूबर (October)
तुला राशि 21 सितम्बर से प्रारम्भ होती है, लेकिन सात दिन तक पूर्व राशि कन्या के साथ इसका संधि-काल चलने से यह 28 सितम्बर से ही पूर्ण प्रभाव में आ पाती है। इसके बाद 20 अक्टूबर तक इसका प्रभाव पूर्ण रहता है। फिर आगामी राशि वृश्चिक के साथ इसकी संधि प्रारम्भ हो जाने से सात दिन तक इसके प्रभाव में उत्तरोत्तर कमी होती जाती है। इस अवधि में, अर्थात् 21 सितम्बर से 20-27 अक्टूबर तक, जन्मे व्यक्तियों के चरित्र में भारी विविधता मिलती है, लेकिन अपने सभी कामों में वे स्पष्टतः मन प्रभावित होते हैं। उनमें इतनी प्रबल तर्क-भावना होती है कि वे प्रायः अपने को भी उस पर कसने से नहीं चूकते
लेकिन एक बार अपना मार्ग चुन लेने पर वे हर मूल्य पर उस पर आगे बढ़ते हैं। उनके सामने जो भी तर्क आता है, उसे वे अपने मन में अच्छी प्रकार तोलते हैं। उनका भाषा पर या तो पूरा अधिकार होता है या वे अपनी बात छोटे-छोटे सशक्त वाक्यों में कहते हैं। लेकिन दोनों ही स्थितियों में उनके लिए भाषा का भारी महत्त्व होता है। इस अवधि में जन्मे व्यक्ति प्रायः सार्वजनिक जीवन में मिलते हैं, लेकिन आम तौर से
इसे वे अपने लोगों की दशा सुधारने के लिए संतुलन ठीक करने की भावना से अपनाते हैं। साधारण परिस्थितियों में इनमें से अनेक लोग स्वभावतः कानून के अध्ययन की ओर उन्मुख होते हैं। उनमें तर्क की आश्चर्यजनक समझ होती है। उनमें कानून बनाने या ऐसे विषयों पर लिखने की काफी प्रवृत्ति रहती है। अनेक लोग अपना जीवन किसी विशेष अध्ययन या शोध कार्य में लगा देते हैं। कुछ उत्तम वैज्ञानिक और डॉक्टर बनते हैं और अपने क्षेत्र में विशेष शाखा का अध्ययन करते हैं। वे कुछ भी करें, आम तौर से बहुत अच्छी तरह करवे अपने वातावरण के प्रति असामान्य रूप से संवेदनशील होते हैं। यदि वह अनुकूल
न हो तो शीघ्र उदास हो जाते हैं, उनका मन बुझ जाता है और वे अपने खोल में सिमट जाते हैं हैं आम तौर से वे शांत स्वभाव के होते हैं। वे जन्मजात शांति दूत होते हैं क्योंकि विवाद और झगड़ों के दृश्यों को पसन्द नहीं करते। वे साफ-सुथरे रहते हैं और अस्तव्यस्तता उन्हें नहीं सुहाती। अपने दिखावे और परिधान का काफी ध्यान रखते हैं किंतु वस्त्रों का दिखावा नहीं करते उनकी राशि का स्वामी शुक्र (सौम्य) है। शनि इस राशि में उच्च का है और सूर्य नीच का। इस राशि में सूर्य की विशेष स्थिति उनकी जटिल प्रकृति, समचित्तता की उनकी प्रबल और उनके स्वभाव में आशावादिता तथा उदासी के मिश्रण के लिए जिम्मेदार है। अपनी बहुरूपी प्रकृति के अनेक मूडों को वे अनेक प्रकार से अभिव्यक्त करते हैं। उदात्त आदर्शवाद और उच्च नैतिक सिद्धांत उनके चरित्र का आधार है। वे विचारों और कार्य में स्पष्ट और
निर्णयात्मक होते हैं। अपनी आश्चर्यजनक स्वाभाविक अंतः प्रेरणा को समीक्षात्मक तर्क से दबाए रखने की उनमें प्रबल भावना होती है। निश्चित प्रमाण के बिना वे किसी बात को स्वीकार नहीं करते।
प्रेम-सम्बन्धों में ये व्यक्ति बहुत दिखावा करने वाले नहीं होते, बल्कि वाल की खाल निकालने वाले और उसके प्रयोजन को तौलने वाले होते हैं। वे भूल जाते हैं कि प्यार के पंखों को खुर्दबीन से नहीं देखा जाता। अतः वे प्रायः भ्रम और निराशा के शिकार होते हैं। आमतौर से तुला वाले व्यक्ति भारी लोकप्रियता प्राप्त करते हैं, ढेर सारे मित्र बना लेते हैं और साथ ही बहुत कुछ अपने तक सीमित रहते हैं।
उनके लिए धन का बहुत कम या नगण्य महत्त्व है। वे शायद ही सट्टेबाजी या अविचारित उद्यम के चक्कर में फँसते हों। वे अच्छा वातावरण पसंद करते हैं और उससे काफी प्रभावित भी होते हैं। अपने
आस-पास के लोगों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव के प्रति वे अत्यंत संवेदनशील रहते हैं। उनके स्वभाव का कलात्मक पक्ष बहुत प्रबल होता है। वे संगीत और कला के भारी शौकीन होते हैं और प्रायः उनमें काफी दखल रखते हैं। अध्ययनशील, खोजी और शोध प्रेमी होने से वे शिक्षा क्षेत्र में भी प्रमुखता प्राप्त करते हैं। स्वभावतः वर्तमान में रहे आने के कारण उन्हें विगत के बन्धनों की कम और भविष्य की कल्पनाओं की और भी कम चिन्ता होती है। शुक्र और शनि के सहयोग के कारण वे प्रेम या कर्तव्य भावना से प्रायः भारी त्याग करते हैं। आम जीवन में साधारणतः उन पर किसी बुजुर्ग की छत्रछाया रहती है। ऐसा न होने पर वे कम आयु में ही विवाह कर लेते हैं। प्रायः अपंग जीवन साथी या बच्चे उनकी महत्त्वाकांक्षाएँ पूरी होने में बाधा पहुँचाते हैं
आर्थिक दशा
तुला राशि में यों तो अनेक प्रसिद्ध और दबंग व्यक्ति पैदा हुए हैं, फिर भी यदि ये लोग धन कमाने में सफल हो जाते हैं तो बुढ़ापे में शायद ही उसे अपने पास रख पाते हों। इसका एक उदाहरण सारा बर्न हार्ट है। वह 22 अक्तूबर को पैदा हुई थी। अभिनेत्री के रूप में उसने विपुल धन कमाया लेकिन मरी अत्यंत गरीबी की दशा में। दूसरा उदाहरण 16 अक्तूबर को जन्मे ओस्कर वाइल्ड का दिया जा सकता है। किसी समय वह दुनिया के अधिकतम पैसा पाने वाले नाटककार थे, लेकिन अंतिम वर्षों में गुजारा भी मुश्किल से हो पाता था। उन्हें दफनाया भी बचे-खुचे थोड़े से मित्रों के दान से गया। थियोसोफिकल सोसाइटी की अध्यक्षा ऐनी बेसेंट,जो 9 अक्तूबर को पैदा हुई; तुला वाले जातक का एक और उदाहरण है जिन्हें ऊँचा पद मिल लेकिन धन नहीं। (इस सूची में महात्मा गांधी और श्री लाल बहादुर शास्त्री को भी जोड़ सकते
हैं-संपादक) ऐसा नहीं कि तुला राशि में पैदा हुए व्यक्ति धन कमा ही नहीं सकते, लेकिन शायद ही कभी उसे अपने पास रख पाते हों या भविष्य के लिए व्यवस्था कर पाते हों।
स्वास्थ्य
तुला राशि स्वास्थ्य और सफाई की सहज प्रवृत्ति देती है। आम तौर से वे अपना संतुलन बनाए रखते हैं और गम्भीर बीमारियों के शिकार होने से बच जाते हैं। लेकिन बहुत अधिक परिश्रम करने या अत्यधिक भावुक हो उठने पर स्वास्थ्य पर उसका तत्काल प्रभाव पड़ेगा। अधिक परिश्रम के सबसे अधिक लक्षण गुर्दो में प्रकट होते हैं जो आश्चर्यजनक रूप से संवेदनशील होते हैं। उनमें बहुत अधिक शारीरिक शक्ति नहीं होती, हालांकि शीघ्र स्वस्थ हो जाने की क्षमता रहती है। उन्हें बड़ी मात्रा में ताजा हवा चाहिए। सम्भव हो तो सादा जीवन बिताएँ। भोजन के मामले में पूरी सावधानी बरतें।
विवाह, सम्बन्ध, साझेदारियाँ
इस अवधि में जन्मे व्यक्तियों के आम तौर से अपनी निजी राशि तुला (21 सितम्बर से 20 अक्तूबर), वायु-त्रिकोण की अन्य दो राशियाँ, मिथुन (21 मई से 20 जून) तथा कुम्भ (21 जनवरी से 19 फरवरी), इनके पीछे का सात दिन का संधि-काल और अपने से सातवीं राशि मेष (21 मार्च से अप्रैल के अंत तक) के दौरान जन्मे व्यक्तियों के साथ अत्यंत मधुर सम्बन्ध रहेंगे।