अंक बोलते है (July)
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जुलाई (July) जल त्रिकोण की पहली राशि कर्क 21 जून को प्रारम्भ होती है। सात दिन तक पूर्व राशि मिथुन के साथ इसका संधि-काल रहता है। अतः यह 28 जून तक पूर्ण प्रभाव में नहीं आती। उसके बाद 20 जुलाई तक इसका पूर्ण प्रभाव रहता है। फिर आगामी राशि सिंह के साथ इसका संधि-काल प्रारम्भ हो जाता है और सात दिन तक इसके प्रभाव में उत्तरोत्तर कमी होती जाती है। संधि-काल में पैदा हुए व्यक्ति दोनों राशियों के गुण ग्रहण कर लेते हैं, अस्त होती राशि और उदित होती हुई राशि के। प्राचीन काल में इसे कर्क राशि इसलिए कहा गया क्योंकि इस समय सूर्य आकाश में कर्क (केकड़े) की भाँति गति करता हुआ आगे बढ़ता और पीछे हटता दिखाई देता है। 21 जून से 27 जुलाई तक कर्क राशि के दौरान पैदा हुए व्यक्ति अपने सभी कामों में मेहनती और उद्यमी होते हैं; किन्तु उनके भाग्य में अत्यन्त शुभ और अत्यन्त अशुभ रहने की प्रवृत्ति होती है। शेयरों पर दांव लगाने में वे प्रायः हानि उठाते हैं जबकि सीधे-सच्चे प्यार में सर्वाधिक सफल हो सकते हैं। फिर भी आम तौर से उनमें सट्टेबाजी की प्रबल भावना होती है और प्रायः अपने स्वभाव की इस प्रवृत्ति के कारण वर्षों के कटोर परिश्रम से जमाए व्यापार को चौपट कर बैठते हैं। 'कर्क' के प्रतीक की भाँति वे काम और विचारों में प्रायः आगे बढ़ते हैं, पीछे हटते हैं। एक निश्चित योजना या वृत्ति में वे एक खास बिन्दु तक पहुंच जाते हैं और फिर अत्यन्त नाजुक क्षण में रुककर या पीछे मुड़कर सभी को आश्चर्य में डाल देते हैं। यदि उन्होंने प्रारम्भिक जीवन में अपनी सट्टेबाजी की प्रवृत्ति को काबू में नहीं किया और धन बचाकर उसे आपात काल के लिए सुरक्षित नहीं रखा तो आम तौर से उनके जीवन में रुपये-पैसे के मामलों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। इस अवधि में पैदा हुए व्यक्ति प्रायः बहुत ऊँचे पदों पर पहुँचते हैं या भारी यश प्राप्त करते हैं और प्रचार की चकाचौंध से बच नहीं पाते; लेकिन पारिवारिक जीवन में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और शायद ही कभी प्रसन्नता में डूबते हों, वाहर वालों की निगाह में वे कितने ही सफल क्यों न दिखाई दें। आम तौर से वे बड़ी-बड़ी योजनाओं का सपना देखने वाले होते हैं। दूसरों के कल्य के लिए वे बड़े-बड़े आदर्शों को कायम करते हैं, किन्तु यदि उनका विरोध और आलोचना हो तो उनके मन को भारी आघात पहुंचता है और उनके मन की हो जाने तथा स्वयं को अपने कटघरे में बन्द कर लेने की सम्भावना है। हालांकि उनका स्वभाव बहुत स्नेहाल्लु होता है, तथापि वे शायद ही कभी उसका प्रदर्शन करते हो। उन्हें गलती से रूखा और भावनाहीन समझ लिया जाता है। उनमें अपने निजी लोगों, पारिवारिक रीति-रिवाजों और परम्परा के लिए भारी प्रेम होता है। उनमें बहुत कल्पनाशक्ति होती है और वे प्रायः उत्तम कलाकार, लेखक, संगीतज्ञ या नाटककार बनते हैं। कुछ खास तिथियों को पैदा हुए लोग व्यापार या उद्योग का भी संगठन करते हैं। आम तौर से उनकी स्मरणशक्ति तेज होती है और वे हर प्रकार का ज्ञान अपने मस्तिष्क में समेटे रहते हैं। वे उत्तम मनोविश्लेषक बनते हैं या गुप्ता विद्याओं, धर्म या किसी असाधरण जीवन-दर्शन में गहरी दिलचस्पी पैदा कर लेते हैं। आर्थिक दशा नेप्चून तथा चन्द्र का प्रभाव उनके जीवन में अनेक अप्रत्याशित परिवर्तन लाएगा। दूसरों के छलपूर्ण वातावरण अथवा कम पूँजी पर बड़ी आय का प्रलोभन देने वाली कम्पनियों तथा सिंडीकेटों द्वारा आर्थिक क्षति के प्रति उन्हें सतर्क रहना चाहिए। उन्हें आर्थिक लेन-देन में बहुत सावधान रहना चाहिए। ऐसे कागजों, करारों, समझौतों आदि पर, जिनमें जरा भी अनिश्चय का तत्व हो, हस्ताक्षर करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्हें बड़े विचित्र ढंग से या विचित्र व्यक्तियों के सम्पर्क से आर्थिक लाभ होगा। वे प्रायः किसी एकदम अप्रत्याशित सूत्र से धन प्राप्त करते हैं और विचित्र साधनों से धनवान बनते हैं। उन्हें तेल-शोधन, कोयला, जहाजरानी, रेडियम, प्लेटिनम बिजली, पुरावस्तुओं, क्यूरियोज आदि में पैसा लगाने और दवाओं तथा द्रवों के आयात में प्रायः सफलता मिलती है। सार्वजनिक जीवन और दायित्वपूर्ण पदों पर भी। जन उपयोग की बड़ी-बड़ी कम्पनियों और एसोसिएशनों में पैसा लगाना आम तौर से अच्छा रहता है लेकिन ऐसे संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आम जनता की आवश्यकताएँ पूरी करते हैं। इस अवधि में पैदा व्यक्ति प्रायः अन्वेषक ओर खोजकर्ता के रूप में और भूमि तथा खानों के विकास में सफल रहते हैं। स्वास्थ्य उन्हें अपने भोजन के बारे में विशेष सावधान रहना चाहिए, क्योंकि पाचन अंग और पेट की सूजन, गैस की परेशानी, अन्दरूनी फोड़े, कैंसर और जलोदर के वे शिकार हो सकते हैं। चन्द्र का प्रभाव शरीर को कमजोर बनाता है; किन्तु इच्छाशक्ति से इस कमजोरी पर काबू पाया जा सकता है। अधिक भावुकता के कारण अधिकांश बीमारियाँ अनियन्त्रित भावनाओं और उदास कल्पना से पैदा होगी। भविष्य की चिंता और भय से बचना चाहिए। इन लोगों को गठिया, रक्त-संचार ठीक से न होना, सदी-जुकाम, फेफड़ों की कमजोरी आदि का भी डर रहेगा। विवाह, सम्बन्ध, साझेदारी आदि इन लोगों के सबसे मधुर सम्बन्ध अपनी निजी राशि कर्क (21 जून से 20 जुलाई), जल त्रिकोण की दो अन्य राशियों-वृश्चिक (21 अक्तूबर से 20 नवम्बर), तथा मीन (19 फरवरी 20 मार्च) और इन राशियों के पीछे के सात दिन के संधि-काल में जन्मे व्यक्तियों के साथ रहेगे।
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