अंक बोलते है (August)

 

 अगस्त (August)
सिंह राशि का प्रारम्भ 21 जुलाई को होता है, लेकिन पूर्व राशि कर्क के साथ इसका संधि-काल चलने के कारण यह 28 जुलाई को ही पूर्ण प्रभाव में आ पाती है। इस तिथि से 20 अगस्त तक इसका पूर्ण प्रभाव रहता है। फिर आगामी राशि कन्या के साथ इसका संधि-काल प्रारम्भ हो जाता है और इसके प्रभाव में उत्तरोत्तर कमी होती जाती है। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। 21 जुलाई से 20-28 अगस्त तक जन्मे व्यक्तियों में प्रबल विशिष्ट गुण पाए जाते हैं। आम तौर से वे महत्त्वाकांक्षी होते हैं। उनका लक्ष्य आम लोगों से ऊपर उठने का होता है। वे भले ही छोटे परिवारों में जन्म लें, इच्छाशक्ति, संकल्प और
योग्यता से खास तौर से ऊँचे अधिकारी पदों पर पहुँचते हैं। वे अन्य दबंग व्यक्तियों के प्रति गहराई से आकर्षित होते हैं। दरअसल, जब तक उनका अपना अलग व्यक्तित्व और उद्देश्य रहता है, वे उनके सौ कसूर भी माफ करने को तैयार रहते हैं। इस अवधि में पैदा हुए व्यक्ति विशाल हृदय और उदार होते हैं।  वे अत्यन्त स्वतन्त्र भावना वाले होते हैं। अंकुश लगाए जाने या आदेश दिए जाने से घृणा करते हैं। उनमें अपने ध्येय के प्रति काफी आग्रह और इच्छाशक्ति होती है। यदि किसी योजना, उद्देश्य या पद पर ध्यान लगाएँ तो हर कठिनाई या बाधा के बावजूद आम तौर से अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं। लक्ष्य प्राप्त न होने पर उनमें निराशा और असंतोष पैदा होता है, लेकिन अपनी कमियों के लिए वे स्वयं को ही दोष देते हैं। उनमें आश्चर्यजनक आकर्षण-शक्ति होती है। दूसरों को महान कार्य करने की प्रेरणा दे सकते हैं। इस राशि में जन्मे जातक नेपोलियन की भाँति दूसरों के भक्ति-भाव को आकर्षित करते हैं और अत्यन्त कठिन परिस्थितियों में भी लोगों को अपने पीछे चलने को प्रेरित कर सकते हैं। ऐसे लोगों को हमेशा सक्रिय बने रहना चाहिए। यदि परिस्थितिवश वे जीवन-संघर्ष की सरगर्मी और हलचल से अलग हुए तो उदास और निराश हो जाते हैं। आमतौर से वे अत्यन्त धीर और देर तक सब कुछ सहने वाले होते हैं, लेकिन एक बार
उत्तेजित हो उठने पर शेर की तरह भय नहीं जानते और हार नहीं मानते। वे अपनी साफ बयानी और छिपकर घात लगाने से घृणा के कारण लोगों को दुश्मन बना लेते हैं। वे अपने मित्र की हर हमले से रक्षा करेंगे। केवल धोखेबाजी या गैर वफादारी से ही उनके अभिमान को चोट पहुंच सकती है। वे उच्च आदर्श और आकांक्षा का परिचय देते हैं। स्वयं विशाल हृदय, ईमानदार और सच्चे होने के कारण अपने आस-पास के लोगों से भी ऐसी ही अपेक्षा करते हैं और प्रायः भारी निराशा और धोखे के शिकार होते हैं। अपनी सहिष्णुता, स्नेह, दया और प्रबल सम्मोहन-शक्ति से वे अत्यधिक लोकप्रिय हो
जाते है। वातावरण के प्रति अत्यन्त संवेदनशील होने से उनमें दूसरों की आदत और परिस्थितियाँ ओढ़ लेने की गहरी प्रवृत्ति होती है। मानवीय स्वभाव में बढ़-चढ़कर विश्वास, प्रेम और मित्रता के मार्ग में उनके लिए रोड़ा बन जाता है। इससे उन्हें अनेक दुःखद परिस्थितियों, दिल टूटने का और तनावों का सामना करना पड़ता है। उनमें शानदार संगठन क्षमता और महत्त्वाकांक्षा होती है, लेकिन अपने कन्धों
पर बहुत अधिक जिम्मेदारियाँ ओढ़ लेते हैं। उन्हें अपने 'शाही स्वभाव' को भी ज्यादा खींचने से बचना चाहिए अन्यथा वे दूसरों पर छाने का प्रयत्न करने लगते हैं।
स्वास्थ्य
इस अवधि में पैदा हुए लोगों का शरीर गठा हुआ होता है और उनमें रोग से मुक्ति पाने की अच्छी शक्ति होती है। उनकी मुख्य पेरशानी आम तौर से दिल की अनियमित धड़कन रहती है जिससे रक्त-संचार पर प्रभाव पड़ता है। बेमेल वातावरण का भी उनके स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव पड़ेगा। कभी-कभी तेज बुखार होने पर उन्हें गठिया के तीव्र हमले का भी शिकार होना पड़ सकता है। वास्तव में बहुत कम बीमारियों का संकेत मिलता है लेकिन जो आती हैं, उनका इलाज कठिन होता है। सूर्य-स्नान से लाभ होगा। दवाओं से अधिक लाभ खुली ताजा हवा पहुँचाएगी। शोक या लम्बी चिन्ता अन्य बातों की अपेक्षा स्वास्थ्य को अधिक शीघ्र आघात पहुँचाती है।
आर्थिक दशा
इस अवधि में जन्मे लोग आर्थिक मामलों में अन्य मामलों की अपेक्षा आम तौर से अधिक भाग्यशाली समझे जाते हैं। वे जो भी न्यायपूर्ण धंधा अपनाएँगे उसी में सफलता मिल सकती है। पद और आयु में बड़े लोगों से लाभ मिलने की आशा है। प्रायः सट्टेबाजी और समझदारी से किए गए विनियोग से आर्थिक लाभ मिलता है। उनकी आर्थिक योजनाएँ बड़े पैमाने की होनी चाहिए और उन्हें व्यक्ति के बजाय आम जनता का संरक्षण प्राप्त होना चाहिए। सोने की खान, पीतल के काम, हीरे, उपयोगी वस्तुओं के आयात-निर्यात में पूंजी लगाने और सरकार या नगरपालिकाओं से बरतने में अच्छी आय होगी।
विवाह, सम्बन्ध और साझेदारी
इन लोगों के अपनी निजी राशि सिंह (21 जुलाई से 20 अगस्त), अग्नि-त्रिकोण की
अन्य दो राशियों धनु (21 नवम्बर से 20 दिसम्बर), तथा मेष (21 मार्च से 19 अप्रैल), इन राशियों के पीछे के सात दिन के संधि-काल और सिंह से सातवीं कुम्भ राशि (21 दिसम्बर से 19-27 जनवरी) के दौरान जन्मे लोगों के साथ सबसे अधिक मधुर सम्बन्ध रहेंगे।

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